ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
19 अगस्त2026 अमेठी (उत्तर प्रदेश): मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के भनौली गांव में मंगलवार को एक निजी भूखंड पर मकान निर्माण के लिए सेप्टिक टैंक की खुदाई के दौरान 29 भारी धातु के गोले मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। गोले मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों का जमावड़ा लग गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया तथा स्थल को सीज कर दिया।
मामला भनौली गांव निवासी मोहम्मद इकबाल के भूखंड का है। वे अपने प्लॉट पर शौचालय/सेप्टिक टैंक निर्माण के लिए खुदाई करा रहे थे। इसी दौरान मजदूरों के फावड़े जमीन के अंदर दबे धातु से टकराए। मिट्टी हटाने पर एक के बाद एक कुल 29 गोलाकार धातु की वस्तुएं निकलीं। प्रथम दृष्टया ये तांबे जैसी धातु से बने प्रतीत होते हैं। प्रत्येक गोले का वजन लगभग 7 से 10 किलोग्राम, व्यास करीब 60 सेंटीमीटर और ऊंचाई लगभग 20 सेंटीमीटर बताया जा रहा है। कई गोलों में छिद्र (फ्यूज होल) भी मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही मुसाफिरखाना पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक सिंह ने सभी 29 गोलों की बरामदगी की पुष्टि की। मुसाफिरखाना के एसडीएम नितेश राज के निर्देश पर घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया और स्थल को पूरी तरह सीज कर निगरानी में लिया गया। एसडीएम ने पुरातत्व विभाग को तत्काल सूचना दी।
बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने गोलों का प्राथमिक निरीक्षण करने के बाद बताया कि ये प्रथम दृष्टया पुराने तोप के गोले प्रतीत होते हैं। उनके अनुसार इनकी आयु लगभग 70 से 80 वर्ष हो सकती है। संभव है कि इन्हें निष्क्रिय करने के उद्देश्य से किसी स्थान से लाकर जमीन में दबाया गया हो। गोलों पर हरे रंग का परत (पैटीना) भी दिखाई दे रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के बाद ही इनकी सटीक प्रकृति, धातु की संरचना और ऐतिहासिक महत्व का पता चल सकेगा। फिलहाल सभी गोले सुरक्षित अभिरक्षा में हैं और पुरातत्व विभाग द्वारा आगे की जांच प्रक्रिया जारी है।
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक सहयोग करें।
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