चुनौतियों को अवसर में बदलकर लक्ष्य हासिल करने का दिया संदेश

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प्रदीप विधूड़ी नई दिल्ली|Dilli Times Media

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद, घोंडा उत्तर-पूर्वी दिल्ली शाखा द्वारा गीता प्लेस में ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त एसीपी एवं अधिवक्ता श्री वीरेंद्र पुंज ने ध्वजारोहण कर उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

समारोह के दौरान बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया। उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।

कार्यक्रम में श्री वीरेंद्र पुंज ने बच्चों, महिलाओं, युवाओं और अभिभावकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के महत्व पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय सही योजना, मार्गदर्शन और समाज के सफल लोगों के अनुभव का लाभ लेकर उन्हें अवसरों में बदला जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन के लक्ष्यों के लिए पांच वर्षीय रणनीति बनाने और कानून की जानकारी को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की सलाह दी।

उन्होंने बच्चों को नशे, ‘रील कल्चर’, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, पीयर प्रेशर, स्कूल बंकिंग, महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध और साइबर फ्रॉड जैसी सामाजिक चुनौतियों से सावधान रहने का संदेश दिया।

समारोह में बच्चों से उनकी भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में बातचीत की गई। बच्चों ने कलाकार, रिपोर्टर, क्रिकेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षक, सेना अधिकारी तथा IAS और IPS अधिकारी बनने की इच्छा व्यक्त की। श्री पुंज ने कहा कि बच्चों के सपनों को समझकर उन्हें सही दिशा और अवसर देना परिवार, स्कूल और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्कूल ड्रॉपआउट रोकने का रास्ता स्कूल बंद करना नहीं, बल्कि बच्चों की रुचि के अनुरूप स्किल एजुकेशन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में कंप्यूटर, वित्तीय साक्षरता और कानूनी शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। ऐसी शिक्षा बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें समाज में मौजूद जोखिमों और अपराधों से बचाने में भी मदद कर सकती है।

कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा, पुरुषों से जुड़े कानूनी मुद्दों और साइबर अपराधों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ कानून के दुरुपयोग से बचाव और निष्पक्ष न्याय व्यवस्था के प्रति जागरूकता भी जरूरी है। साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों को समय पर कानूनी एवं संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

समारोह का संदेश स्पष्ट रहा कि “चुनौतियों को अवसर में बदलने से ही सपने सच होते हैं।” साथ ही उपस्थित लोगों को देशभक्ति के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया—“देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें।”

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