UPI यूजर्स को बड़ी राहत: ₹2,000 तक भुगतान रहेगा पूरी तरह शुल्क-मुक्त, बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की तैयारी”

टेक्नोलॉजी दिल्ली राष्ट्रीय व्यवसाय

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026: UPI भुगतान को लेकर 14 सितंबर 2026 को जारी सरकारी अधिसूचना के बाद डिजिटल पेमेंट व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की स्थिति बनी है। नए प्रावधानों के तहत ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकेंगे। वहीं, RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले भुगतान को भी चार्ज-फ्री रखने का प्रावधान है।

P2P ट्रांसफर पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

दोस्तों, परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने वाले Person-to-Person (P2P) लेनदेन पर राशि की कोई सीमा नहीं होगी। यानी कितनी भी रकम का P2P ट्रांसफर किया जाए, उस पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

₹2,000 से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर क्या बदलेगा?

अब तक UPI को व्यापक रूप से Zero-MDR (Merchant Discount Rate) व्यवस्था के तहत संचालित किया जाता रहा है। नए कानूनी प्रावधानों में ₹2,000 तक के भुगतान को स्पष्ट रूप से शुल्क से सुरक्षा दी गई है। इससे ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन पर MDR लागू किए जाने का रास्ता खुल सकता है।

हालांकि, अभी MDR की अंतिम दर तय नहीं हुई है। इसकी दर NPCI द्वारा निर्धारित की जानी है। विभिन्न अनुमानों के मुताबिक यह दर लगभग 0.25 से 0.5 प्रतिशत के बीच हो सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के बजाय मर्चेंट यानी दुकानदार/व्यवसायी की ओर से दिया जाएगा।

₹5,000 के भुगतान पर कितना असर?

यदि MDR की दर 0.25 प्रतिशत रहती है तो ₹5,000 के भुगतान पर मर्चेंट का खर्च करीब ₹12.50 होगा। वहीं, 0.5 प्रतिशत की दर होने पर यह खर्च करीब ₹25 तक पहुंच सकता है। वास्तविक राशि NPCI द्वारा अंतिम दर तय किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी।

आम ग्राहकों पर कितना असर?

फिलहाल रोजमर्रा की छोटी खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना कम है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार P2M UPI लेनदेन की संख्या में ₹2,000 से अधिक के भुगतान की हिस्सेदारी करीब 4 प्रतिशत है, हालांकि कुल लेनदेन मूल्य में इनका हिस्सा काफी अधिक है।

NPCI की दरों का इंतजार

सरकार के नए प्रावधानों के बाद फिलहाल यह स्पष्ट है कि ₹2,000 तक का UPI भुगतान ग्राहकों के लिए फ्री रहेगा और P2P ट्रांसफर पर भी शुल्क नहीं लगेगा। ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट भुगतान पर MDR की वास्तविक दर और लागू होने की विस्तृत व्यवस्था NPCI की घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

यानी आम ग्राहक के लिए रोजमर्रा का UPI भुगतान फिलहाल फ्री ही रहेगा, जबकि बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क का संभावित असर मुख्य रूप से दुकानदारों और व्यवसायियों पर पड़ सकता है।

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