ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली| DTM
9 सितंबर 2026 लख़नऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी डॉक्टरों को सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं देने का मौका मिलेगा। उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सेवानिवृत्त चिकित्सकों की पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रदेश के सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। नई व्यवस्था के तहत योग्य और अनुभवी चिकित्सकों को पुनर्नियुक्ति के माध्यम से 70 वर्ष तक सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में सेवाएं जारी रखने का अवसर मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख चिकित्सकीय संवर्ग है। इसमें चिकित्सा अधिकारी और विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों तथा ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति के बाद अनुभवी चिकित्सकों को 70 वर्ष तक सेवा देने का मौका मिलने से उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह व्यवस्था विशेष रूप से उन विभागों में प्रभावी साबित होगी, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भी अनुभवी चिकित्सकों की भूमिका अहम रहेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि पुनर्नियुक्ति संबंधी औपचारिक आदेश जारी करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाए।
सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की लंबे समय से कमी बनी हुई है। इस कमी को दूर करने और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पुनर्नियुक्ति के बाद डॉक्टर मुख्य रूप से क्लीनिकल सेवाएं देंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, औपचारिक आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है। इसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले योग्य चिकित्सक निर्धारित शर्तों पर 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे सकेंगे।
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